उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली बिल राहत योजना 2025 की घोषणा की है। इस योजना का मकसद है उन लोगों को मदद देना जिन्होंने लंबे समय से अपने बिजली बिल नहीं भरे हैं।इस योजना के तहत नेवरपेड (जिन्होंने कभी बिल नहीं भरा) और लॉन्ग अनपेड (जो लंबे समय से बिल नहीं दे रहे) उपभोक्ताओं को बकाया बिल पर बड़ी राहत दी जाएगी। अगर उपभोक्ता अपनी पूरी बकाया राशि एक साथ जमा करते हैं, तो उन्हें सरचार्ज में 100% और मूलधन पर 25% तक की छूट मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह योजना जनता के लिए एक उपहार है और इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी। साथ ही, राज्य में बिजली विभाग को भी पुराने बकाया वसूलने में मदद मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि हर घर में उजाला बना रहे और कोई भी परिवार बिजली बिल के बोझ से परेशान न हो।
तीन चरणों में लागू होगी योजना
पहले चरण में, जो 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा, पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दूसरे चरण में, यानी 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक, यह छूट घटकर 20 प्रतिशत रह जाएगी। वहीं तीसरे चरण में, जो 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा, उपभोक्ताओं को 15 प्रतिशत छूट मिलेगी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि जो उपभोक्ता पहले चरण में पंजीकरण कराएंगे, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इसलिए उन्होंने जनता से अपील की कि वे देर न करें और पहले ही चरण में योजना का हिस्सा बनें। यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं (2 किलोवाट तक) और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (1 किलोवाट तक) दोनों पर लागू होगी। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ें और अपने पुराने बिजली बिलों का निपटारा कर सकें। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली विभाग की आय भी बढ़ेगी।
चोरी के मामलों में राहत मिलेगी
उत्तर प्रदेश बिजली बिल राहत योजना 2025 में सरकार ने उन उपभोक्ताओं के लिए भी राहत की व्यवस्था की है जिन पर बिजली चोरी के मामले दर्ज हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अब भारी भरकम जुर्माने से कुछ राहत मिलेगी। योजना के तहत, जिन लोगों पर राजस्व निर्धारण की धनराशि तय की गई है, वे केवल 2000 रुपये या कुल राशि का 10 प्रतिशत (जो अधिक हो) जमा करके पंजीकरण करा सकते हैं। इससे उन्हें बाकी बकाया रकम पर बड़ी छूट मिलेगी। सरकार ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की स्थिति को देखते हुए यह भी व्यवस्था की है कि उपभोक्ता चाहें तो अपनी बकाया राशि को मासिक किस्तों में भी चुका सकते हैं। यानी जिन्हें एकमुश्त भुगतान करना मुश्किल है, वे किस्तों में धीरे-धीरे भुगतान करके भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि इस योजना का मकसद सिर्फ बकाया वसूली नहीं, बल्कि छोटे उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। इस कदम से गरीब परिवारों को राहत मिलेगी और राज्य में बिजली व्यवस्था और बेहतर होगी। सरकार चाहती है कि हर घर उजाले से भरा रहे, कोई भी अंधेरे में न रहे।
बिलों में होगा संशोधन
बिजली बिल राहत योजना 2025 के बारे में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि यह योजना सिर्फ छूट देने के लिए नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास को फिर से मजबूत करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि योजना के दौरान जिन उपभोक्ताओं के बिलों में ओवर बिलिंग या अंडर बिलिंग की शिकायत है, उनके बिलों का संशोधन (सहीकरण) किया जाएगा ताकि किसी पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। इससे सभी उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी बिलिंग का लाभ मिलेगा। मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि हर उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के इस योजना से जुड़ सके। इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया गया है। उपभोक्ता चाहे तो विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं या फिर नजदीकी खंड/उपखंड कार्यालय, जन सेवा केंद्र (CSC) या विभागीय कैश काउंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।ऊर्जा मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और समयबद्ध होनी चाहिए। किसी भी उपभोक्ता को परेशानी न हो और सभी को समय पर लाभ मिले — यही इस योजना का असली उद्देश्य है।
मील का पत्थर साबित होगी योजना
यह बिजली बिल राहत योजना 2025 सरकार की एक बड़ी पहल मानी जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देना और बिजली विभाग में सुधार लाना है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार यह योजना पूरे ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता, विश्वास और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करेगी। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य है बिजली सबके लिए और राहत सबको।इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को सही बिलिंग का फायदा मिलेगा। कई जगह ओवर बिलिंग और अंडर बिलिंग की शिकायतें आती थीं, जिन्हें ठीक किया जाएगा ताकि किसी पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा और बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना के प्रचार-प्रसार में किसी तरह की लापरवाही न हो। इसे एक बड़े जनसंपर्क अभियान की तरह हर उपभोक्ता तक पहुंचाया जाए, ताकि सभी लोग इसका लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल छूट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग की पारदर्शिता बढ़ाने और जनता का विश्वास वापस जीतने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यही कारण है कि इसे ऊर्जा क्षेत्र में सुधार का मील का पत्थर माना जा रहा है।











